एक ऐसे सशक्त, शिक्षित, संगठित एवं आत्मनिर्भर राजपूत समाज का निर्माण करना जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व करते हुए राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा एवं मानवता की भलाई में अग्रणी भूमिका निभाए।
शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, वैवाहिक सहायता एवं सामाजिक कल्याण के माध्यम से समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाना, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना तथा एकजुटता एवं भाईचारे को बढ़ावा देना।
समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर संगठित करना।
परंपराओं, इतिहास एवं रीति-रिवाजों का संरक्षण करना।
युवाओं को कौशल विकास एवं नेतृत्व हेतु प्रेरित करना।
महिलाओं हेतु शिक्षा, स्वावलंबन व सुरक्षा कार्यक्रम।
छात्रवृत्ति एवं शिक्षण सामग्री द्वारा शिक्षा को बढ़ावा।
कौशल प्रशिक्षण व रोजगार मार्गदर्शन प्रदान करना।
रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर एवं आपदा राहत कार्य।
योग्य युवक-युवतियों हेतु सम्मानजनक विवाह सहायता।
समाज के सदस्यों के बीच आपसी संपर्क मजबूत करना।
जरूरतमंदों की सहायता हेतु दान संग्रहण व वितरण।